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हिमाद्रि तुंग शृंग से

Mar 8, 2018
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Updated: Aug 6, 2018


हिमाद्रि तुंग शृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती स्वयंप्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती

अर्मत्य वीर पुत्र हो दृढ़ प्रतिज्ञ सोच लो प्रशस्त पुण्य पंथ है बढ़े चलो बढ़े चलो!

असंख्य कीर्ति रश्मियाँ विकीर्ण दिव्य दाह-सी सपूत मातृभूमि के रुको न शूर साहसी

अराति सैन्य सिंधु में सुबाड़वाग्नि से जलो प्रवीर हो जयी बनो बढ़े चलो बढ़े चलो!

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